
सदैव सत्य, अहिंसा और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए:पूर्णमति
हरिद्वार। प्रेमनगर आश्रम के हॉल में आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी के सानिध्य में आयोजित हो रहे 1008 भक्तामर महामण्डल बीजाक्षर विधान (विश्व शांति महायज्ञ) का छठा दिन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
प्रातःकालीन सत्र में कार्यक्रम की शुरुआत भक्तिमय वातावरण के साथ हुई। भजन गायक श्री रामकुमार एंड पार्टी द्वारा प्रस्तुत किए गए मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। भजनों की मधुर धुनों के बीच विधान में विराजमान भक्तों ने 1008 भगवान आदिनाथ जी का अभिषेक कर नित्य नियम पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ पूजा-अर्चना कर विश्व शांति और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर पूज्य आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी ने अपने प्रवचनों में धर्म और सदाचार का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में कभी भी किसी के साथ छल-कपट नहीं करना चाहिए, चाहे वह जाने-अनजाने में ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि मनुष्य द्वारा किए गए दुष्कर्मों का फल उसे अवश्य प्राप्त होता है। इसलिए जीवन में सदैव सत्य, अहिंसा और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। माताजी ने कहा कि धर्म ज्ञान, आत्मचिंतन और आत्मशुद्धि के माध्यम से ही मनुष्य अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकता है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपने भीतर की आत्मा को पहचान कर धर्म मार्ग पर चलता है, तब वही आत्मा परमात्मा बनने की दिशा में अग्रसर होती है।
कार्यक्रम के संध्याकालीन सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। “जैन जागृति महिला मंडल पंचपुरी हरिद्वार” की महिला सदस्यों ने भक्ति से ओतप्रोत नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन जीत लिया। इस दौरान अर्चना जैन, अंजली जैन, रीतू जैन, पारूल जैन, पूजा जैन, प्रियंका जैन, शैली जैन और हेमा जैन ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
इसके साथ ही जैन समाज के बच्चों द्वारा भी मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। कु. आव्या जैन, प्रियल जैन, नीति जैन, कार्तिक, सार्थक और अंशिका जैन ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित जनों की खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम में पीयूष जैन, समर्थ जैन, मीडिया प्रभारी सतीश जैन, आदेश जैन, रजत जैन, संदीप जैन, नितेश जैन, रवि जैन और रूचिन जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विजय जैन ने किया।
भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सुसज्जित यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और आनंद का केंद्र बना हुआ है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्रतिदिन पहुंचकर इस महायज्ञ और विधान का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।