• Wed. Jun 17th, 2026

श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति रस की अविरल धारा, साध्वी समाहिता दीदी ने कराया अमृतमय श्रवण

ByAdmin

Jun 17, 2026

हरिद्वार, उत्तरी हरिद्वार के सप्तसरोवर मार्ग स्थित संत शदाणी देस्थानम् में आयोजित तीन दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। कथा व्यास साध्वी समाहिता दीदी ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को कथा का अमृतमय श्रवण कराया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ज्ञान है। कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर सकारात्मकता का संचार होता है और जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

इस अवसर पर संत शदाणी देस्थानम् के पीठाधीश्वर संत डॉ. युधिष्ठिर लाल ने पधारे संत-महात्माओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर है। कथा के माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों, प्रेम, करुणा और सद्भाव का संदेश प्रसारित होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

महामंडलेश्वर स्वामी हरि चेतनानंद महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में आध्यात्मिक ज्ञान और सत्संग की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। भागवत कथा मनुष्य को ईश्वर के प्रति समर्पण और आत्मचिंतन की प्रेरणा देती है। वहीं महंत गंगा दास महाराज ने कहा कि संतों का सान्निध्य और धार्मिक आयोजनों में सहभागिता व्यक्ति के जीवन को नई दिशा प्रदान करती है तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रातःकाल संत शदाणी घाट पर राष्ट्र की सुख, शांति और समृद्धि के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विशेष हवन एवं पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां देकर देश की उन्नति और विश्व कल्याण की कामना की।

इस अवसर पर नंद लाल साहित्य, बाबूराम आहूजा, बाबूराम, बलदेव चावला, शुभराज, नानिक राम बत्रा, दर्शन लाल, शमन लाल नथानी, विश्वामित्र मदान, प्रकाश माखीजा, चंद्रभान बत्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कथा में देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों श्रद्धालु भक्ति भाव से शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

By Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *