
हरिद्वार, 26 जून। गणेश विहार कॉलोनी, सीतापुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। गंगा तट से कथास्थल तक निकाली गई कलश शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए भगवान के जयकारे लगाए, जिससे क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
कथाव्यास मनोज गोपाल महाराज ने कथा के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि यह कथा परम कल्याणकारी तथा कल्पवृक्ष के समान है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और भक्ति भाव से कथा श्रवण करने से मनुष्य के पापों का नाश होता है तथा अधोगति को प्राप्त पितरों को भी मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि कथा केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि उससे प्राप्त ज्ञान और संस्कारों को जीवन में अपनाने के लिए है। जब व्यक्ति कथा के संदेशों को अपने आचरण में उतारता है, तभी उसका जीवन सार्थक बनता है।
आयोजक विजेंद्र कुमार कपिल एवं ओमप्रकाश राठौर ने बताया कि कथा का आयोजन क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की भावना से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है तथा जीवन के कष्टों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से प्रतिदिन कथा में पहुंचकर धर्म लाभ लेने और अधिक से अधिक लोगों को कथा से जोड़ने की अपील की।
इस अवसर पर गिरीराज शर्मा, सुनील कुमार शर्मा, नवीन कुमार श्रीवास्तव, पूरन चौहान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के शुभारंभ पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा।