
पहले 200 रुपये का स्मारक सिक्का, अब डाक टिकट से भारत सरकार ने दी संत परंपरा को राष्ट्रीय श्रद्धांजलि
हरिद्वार। पूज्य माता हासी देवी जी के 200वें जन्मोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में भारत सरकार ने उनके सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी किया है। इससे पहले इसी अवसर पर भारत सरकार उनकी स्मृति में 200 रुपये का स्मारक सिक्का भी जारी कर चुकी है। एक ही जन्मोत्सव वर्ष में किसी संत विभूति के सम्मान में स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी होने को सिंधी समाज, शदाणी दरबार और भारतीय संत परंपरा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
पूज्य माता हासी देवी जी ने अपना संपूर्ण जीवन सेवा, साधना, त्याग, करुणा, नारी जागरण और मानव कल्याण के लिए समर्पित किया। उनके आध्यात्मिक जीवन और लोककल्याणकारी कार्यों ने समाज में धर्म, संस्कृति और सेवा की ऐसी अलख जगाई, जो आज भी लाखों श्रद्धालुओं को प्रेरित कर रही है।
पूज्य शदाणी दरबार के परम पूज्य संत श्री डॉ. युधिष्ठिरलाल जी महाराज ने स्मारक डाक टिकट जारी किए जाने पर भारत सरकार और डाक विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारतीय संत परंपरा, सनातन संस्कृति और सिंधी समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि पहले जारी 200 रुपये का स्मारक सिक्का और अब स्मारक डाक टिकट आने वाली पीढ़ियों को पूज्य माता हासी देवी जी के आदर्शों, सेवा और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल शदाणी दरबार का नहीं, बल्कि सेवा, समरसता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले प्रत्येक नागरिक का सम्मान है। स्मारक डाक टिकट देश और विदेश में माता हासी देवी जी के संदेश को नई पहचान देगा तथा समाज को सेवा, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करेगा।
पूज्य शदाणी दरबार के सचिव एवं अंतर्राष्ट्रीय शदाणी सेवा मंडल के अध्यक्ष साई उदय शदाणी ने भी भारत सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पूज्य माता हासी देवी जी के सेवा, प्रेम, करुणा और मानव कल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।