• Thu. Jul 23rd, 2026

जूना अखाड़े ने कृष्णा शाह विद्यार्थी नंद गिरी को दी जगतगुरु की उपाधि, वाल्मीकि अखाड़े के गठन की घोषणा

ByAdmin

Jul 23, 2026

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी बोले— इस पहल से सामाजिक सौहार्द बढ़ेगा, सनातन धर्म को मिलेगी नई मजबूती

हरिद्वार। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े की ओर से गुरुवार को आयोजित भव्य समारोह में दिल्ली स्थित वाल्मीकि धाम के पीठाधीश्वर कृष्णा शाह विद्यार्थी नंद गिरी महाराज को जगतगुरु की उपाधि से अलंकृत किया गया। इसी अवसर पर अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने वाल्मीकि अखाड़े के गठन की भी घोषणा की।

इससे पूर्व हरिहर आश्रम, कनखल में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने अखाड़े की परंपरा के अनुसार विधि-विधान से अनुष्ठान और अभिषेक संपन्न कराया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जगतगुरु कृष्णा शाह विद्यार्थी नंद गिरी महाराज सनातन धर्म के संरक्षण, संवर्धन और समाज के सभी वर्गों को जोड़ने के लिए प्रभावी भूमिका निभाएंगे।

इसके बाद माया देवी मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में अधिष्ठात्री देवी मां माया की पूजा-अर्चना के पश्चात जूना अखाड़े के वरिष्ठ अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज तथा आवाहन अखाड़े की श्रीमहंत विभा गिरि महाराज ने चादर ओढ़ाकर कृष्णा शाह विद्यार्थी नंद गिरी महाराज का जगतगुरु पद पर अभिषेक किया।

अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि जूना अखाड़ा सदैव समाज के सभी वर्गों का सम्मान करता आया है। वाल्मीकि अखाड़े का गठन भी इसी उद्देश्य से किया गया है ताकि समाज के सभी वर्ग सनातन धर्म की मुख्यधारा से जुड़कर उसके उत्थान में सहभागी बनें। उन्होंने बताया कि आगामी कुंभ पर्व में वाल्मीकि अखाड़ा जूना अखाड़े के साथ शाही स्नान में शामिल होगा तथा अन्य महामंडलेश्वरों की तरह उन्हें भी रथ, छत्र और सिंहासन की परंपरागत सम्मान व्यवस्था प्रदान की जाएगी।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी ने जूना अखाड़े की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश पूरे देश और विश्व में जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों की सहभागिता से सनातन धर्म और अधिक सशक्त होगा तथा भारत को विश्वगुरु बनाने के संकल्प को नई दिशा मिलेगी।

समारोह में राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत महेश पुरी, श्रीमहंत पूर्णागिरि, श्रीमहंत गिरीश आनंद गिरि, महंत आनंदेश्वर गिरि, महंत नीलकंठ गिरि, महंत आदित्य गिरि, महंत भीष्म गिरि, महंत मुन्ना गिरि, श्रीमहंत देवानंद सरस्वती, भीमनाथ, चेतन नंद, विष्णु दास, साहिल नाथ, सुशांत गोल्डी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

By Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *