
श्री ललिताम्बा देवी ट्रस्ट के तत्वावधान में श्री मानव कल्याण आश्रम में कांवड़ियों की सुविधार्थ आयोजित सेवा शिविर में होगा प्रसाद वितरण
हरिद्वार, 07 अगस्त। श्रावण मास में पवित्र भाव से तीर्थनगरी हरिद्वार में अपने अभीष्ट भगवान शिव को समर्पित करने हेतु जल ले जाने वाले कांवड़ियों की सेवा से भगवान शिव अत्यन्त प्रसन्न होते हैं। यह विचार महंत स्वामी दुर्गेशानन्द सरस्वती ने श्री ललिताम्बा देवी ट्रस्ट के तत्वावधान में श्री मानव कल्याण आश्रम में कांवड़ियों की सुविधार्थ एक सप्ताह तक आयोजित सेवा शिविर में प्रसाद वितरण का शुभारम्भ करते हुए व्यक्त किये।
स्वामी दुर्गेशानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि तीर्थनगरी हरिद्वार विशेषकर कनखल क्षेत्र जो भगवान शिव की ससुराल है इसी क्षेत्र से प्रतिदिन लाखों कांवड़िये हरकी पैड़ी से पावन गंगाजल लेकर अपने गतंव्यों की ओर प्रस्थान करते हैं, ऐसे में उनकी सेवा हम सबके लिए अत्यन्त गौरव व श्रद्धा की बात है। इसी क्रम में श्री ललिताम्बा देवी ट्रस्ट प्रतिवर्ष की भांति एक सप्ताह तक कांवड़ सेवा शिविर के माध्यम से निरन्तर भोजन प्रसाद वितरण का कार्य करेगा।
श्री ललिताम्बा देवी ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि ब्रह्मलीन पूज्या ललिताम्बा माताजी व ब्रह्मलीन पूज्य कल्याणानन्द सरस्वती जी का समूचा जीवन धर्म प्रचार व मानव कल्याण को समर्पित रहा। उन महान संतों की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए श्री ललिताम्बा देवी ट्रस्ट प्रतिवर्ष कांवड़ मेले में भोजन प्रसाद वितरित करता है। सेवा की यह परम्परा विगत कई दशकों से अनवरत चल रही है।
ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष सुश्री रेणुका बेन एल. ठक्कर ने कहा कि श्रावण मास में सेवा कार्यों का विशेष महत्व है। यह मास भगवान शिव के प्रति श्रद्धा व आस्था का प्रतीक है। तीर्थनगरी में पधारने वाला प्रत्येक कांवड़ियां हमारे लिए पूज्यनीय हैं। उनकी सेवा ही सच्ची ईश्वर आराधना है।
प्रसाद वितरण में मुख्य रूप से ट्रस्ट के उपाध्यक्ष बहादुर सिंह वर्मा, स्वामी हंसानन्द, क्षेत्रीय पार्षद भूपेन्द्र कुमार, सुरेन्द्र मिश्रा, संजय वर्मा, महेन्द्र, मिथलेश आदि उपस्थित रहे।