
एआई से फर्जी वीडियो बनाकर संतों को बदनाम करने की साजिश – श्रीहमंत रविंद्रपुरी महाराज
हरिद्वार, 09 अगस्त। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने संतों से संबंधित वायरल हो रहे वीडियो का खंडन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संत समाज और सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए साजिश के तहत एआई तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी फोटो और वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि सनातन विरोधी ताकतें नहीं चाहतीं कि हरिद्वार में दिव्य और भव्य कुंभ का आयोजन हो। देश और दुनिया में संत समाज सनातन धर्म की पताका फहरा रहा है और भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। ऐसे में संतों को बदनाम करने के लिए तरह तरह की साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले ही कुछ वामपंथी विचारधारा के लोग सक्रिय होकर संत समाज के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। एआई के माध्यम से बनाए गए फर्जी फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि महामंडलेश्वर बनाने का अधिकार अखाड़ों के पंचों को होता है। अखाड़ों के संत महामंडलेश्वर बनाने के लिए पैसे नहीं लेते, बल्कि सनातन धर्म के प्रचार प्रसार और जनसेवा के कार्यों में लगे रहते हैं। इसके बावजूद संतों को बदनाम करने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।
श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री से मांग की कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाए और संत समाज तथा सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।