• Thu. Oct 15th, 2026

एएमआर के खतरे से बचाव में फार्मासिस्टों की भूमिका अहम

ByAdmin

Sep 25, 2026

विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर रामानंद इंस्टीट्यूट में आयोजन, रक्तदान शिविर में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

हरिद्वार। दवाओं के अनावश्यक और गलत इस्तेमाल से बढ़ती एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) की समस्या को लेकर रामानंद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड मैनेजमेंट में जागरूकता का संदेश दिया गया। विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि मरीजों को दवा की सही खुराक के साथ निर्धारित अवधि तक पूरा कोर्स करने के लिए जागरूक करना फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों ने मॉडल और चार्ट के जरिए एएमआर के कारणों और इससे बचाव के उपायों को समझाया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी, मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. आरके सिंह, एसीएमओ डॉ. रमेश कुमार, डॉ. हेमंत, डॉ. विशाल और डॉ. अवनीश ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सीएमओ डॉ. आरके सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट की जिम्मेदारी केवल डॉक्टर के पर्चे के अनुसार दवा देना नहीं है, बल्कि मरीज को दवा की सही खुराक और पूरा कोर्स करने के महत्व की जानकारी देना भी है।

एसीएमओ डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि फार्मेसी के विद्यार्थी स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सही मार्गदर्शन और समर्पण से वे बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

संस्थान के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी ने कहा कि फार्मासिस्ट बीमार व्यक्ति के जीवन में उम्मीद की किरण जगाने का काम करता है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए फार्मेसी विभाग की प्राचार्या डॉ. कुसुम लता और उनकी टीम की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान रक्तदान शिविर भी लगाया गया। इसमें छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साह के साथ रक्तदान किया। विद्यार्थियों ने एएमआर और स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े विभिन्न मॉडल एवं चार्ट प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन छात्र वंश और छात्रा राधिका ने किया। इस दौरान निदेशक डॉ. मयंक गुप्ता, प्रबंध निदेशक मनुज उनियाल, इंजीनियरिंग विभाग के प्रधानाचार्य सूरज राजपूत समेत शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

By Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *