• Tue. Sep 15th, 2026

रामानंद इंस्टीट्यूट में इंजीनियर्स डे पर भव्य कार्यक्रम आयोजित: समाज हित और देश निर्माण के लिए AI एवं ग्रीन टेक्नोलॉजी के उपयोग का आह्वान

ByAdmin

Sep 15, 2026

रामानंद इंस्टीट्यूट में ‘इंजीनियर्स डे’ के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन उत्साह एवं गरिमा के साथ किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी जी, निदेशक डॉ. मयंक गुप्ता, प्रबंध निदेशक मनुज उनियाल, इंजीनियरिंग विभाग के प्रधानाचार्य सूरज राजपूत एवं फार्मेसी विभाग की प्रधानाचार्या डॉ. कुसुम लता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में सबसे पहले कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिविल विभाग के छात्रों ने अपने लाइव प्रोजेक्ट्स का शानदार डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया। इन लाइव प्रोजेक्ट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा निर्धारित प्रोग्रामिंग, हाइड्रोलिक ब्रिज मॉडल आदि का सफल प्रदर्शन किया गया, जिसकी अतिथियों ने सराहना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी जी ने कहा कि केवल डिग्री हासिल कर लेने से कोई व्यक्ति इंजीनियर नहीं बन जाता। वास्तव में एक इंजीनियर की पहचान उसकी व्यावहारिक कार्यकुशलता और भविष्य की रचनाओं में छिपी होती है। उन्होंने बल देकर कहा कि इंजीनियरों के इस प्रकार से योगदान देने पर ही भारत को विश्व गुरु के पद पर स्थापित किया जा सकेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ग्रीन टेक्नोलॉजी का उपयोग करके हम अपने समाज और भविष्य को हित में रख सकते हैं। इन नई तकनीकों एवं नव-निर्माण से ही हम अपना भविष्य उज्ज्वल और अत्याधुनिक बना सकते हैं।

संस्थान के निदेशक डॉ. मयंक गुप्ता ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि छात्रों को केवल नंबरों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विद्यार्थियों को अपनी डिग्री हासिल करने के साथ-साथ अपनी व्यावहारिक स्किल पर भी निरंतर कार्य करना चाहिए।

वहीं, संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर मनुज उनियाल ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को हमेशा नए-नए प्रयोग करते रहना चाहिए और निरंतर नई-नई तकनीकों का इजाद करना चाहिए ताकि समाज और देश को आधुनिक दिशा दी जा सके।

अभियांत्रिकी विभाग के प्रधानाचार्य श्री सूरज राजपूत जी ने कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना है, ताकि वे देश और समाज के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भी उपस्थित अतिथियों के समक्ष अपने विचार साझा किए।

छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया गया जिसमें बताया गया कि शिक्षा के आभाव से समाज का मानसिक विकास रुक जाता है और यह देश में गरीबी बेरोजगारी एवं अंधविश्वास को बढ़वा देती है। इसके साथ ही एक क्विज़ कॉम्पटीशन का भी आयोजन किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मैकेनिकल इंजीनियरिंग की टीम ने पहला स्थान प्राप्त किया और विजयी घोषित हुई।

कार्यक्रम के मंच का सफल संचालन श्वेता, मंजीत एवं संस्थान के मेधावी छात्र प्रिंस और प्रियंका द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर संस्थान के समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

By Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *